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सुल्तानपुर की एमपी/एमएलए कोर्ट में सोमवार को राहुल गांधी से जुड़े मानहानि मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान उनके अधिवक्ता को बेगुनाही के संबंध में साक्ष्य प्रस्तुत करने थे, लेकिन वे ऐसा नहीं कर सके। अदालत ने अब मामले में अंतिम बहस (फाइनल आर्ग्युमेंट) के लिए 12 मार्च की तारीख तय कर दी है। इससे पहले 20 फरवरी को राहुल गांधी ने एमपी/एमएलए कोर्ट में दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 313 के तहत अपना बयान दर्ज कराया था। उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार और राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताया था। कोर्ट ने इसके बाद सफाई साक्ष्य के लिए 9 मार्च की तारीख निर्धारित की थी। यह मामला अगस्त 2018 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के खिलाफ राहुल गांधी की कथित टिप्पणी से जुड़ा है। इस संबंध में भाजपा नेता विजय मिश्रा ने अक्टूबर 2018 में परिवाद (शिकायत) दाखिल की थी। बाद में 20 फरवरी 2024 को राहुल गांधी ने एमपी/एमएलए कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद विशेष मजिस्ट्रेट ने उन्हें 25-25 हजार रुपए के दो मुचलकों पर जमानत दे दी थी। 26 जुलाई 2024 को भी वे अदालत में पेश हुए थे और अपना बयान दर्ज कराते हुए खुद को निर्दोष बताया था। उन्होंने आरोपों को राजनीतिक साजिश बताया था। राहुल गांधी के बयान के बाद अदालत ने वादी पक्ष को साक्ष्य प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। तब से अब तक इस मामले में दो गवाहों से जिरह की जा चुकी है और अब अगली सुनवाई में अंतिम बहस होने की संभावना है।
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राहुल गांधी के अधिवक्ता ने पेश नहीं किए साक्ष्य:सुल्तानपुर MP/MLA कोर्ट ने अंतिम बहस के लिए 12 मार्च की तारीख तय